आज दिनांक 28/02/2026 दिन शनिवार को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.यासर कुरैशी के मार्गदर्शन में वनस्पति विज्ञान विभाग के द्वारा विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास औरवैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान काआयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अमित कुमार सिंह थे, जो भक्त माता कर्मा शासकीय कन्या महाविद्यालय बालोदमें अपनी सेवा दे रहे है। आज के इस व्याख्यान का विषय “छत्तीसगढ़में पाए जाने वाले औषधीय पादप एवं उनके उपयोग” था। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ राज्य मेंउपलब्ध औषधीय पौधों की जानकारी देना तथा उनके औषधीय एवं पारंपरिक महत्व से अवगतकराना था। डा.अमित कुमार सिंह ने अपने व्याख्यान में बताया कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों सेसमृद्ध राज्य है, जहाँअनेक प्रकार के औषधीय पादप पाए जाते हैं। इन पौधों का उपयोग प्राचीन काल से हीआयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में विभिन्न रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है।उन्होंने विशेष रूप से गिलोय, तुलसी, नीम, अश्वगंधा, हर्रा, बहेरा और आंवला जैसे महत्वपूर्ण औषधीय पौधों काउल्लेख किया तथा उनके औषधीय गुणों और उपयोगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि औषधीय पौधे न केवलस्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं, बल्किइनके संरक्षण और संवर्धन से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को इन पौधों के महत्व को समझते हुए इनके संरक्षण केप्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी। व्याख्यान के अंत में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डाॅ. अमित कुमार सिंह ने सरल एवं स्पष्टरूप में उत्तर दिया। इस व्याख्यान से विद्यार्थियों को औषधीय पादपों के महत्व तथाउनके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। अंततः महाविद्यालय परिवार की ओर से डॉ. अमितकुमार सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया गया और उनके ज्ञानवर्धक व्याख्यान के लिएधन्यवाद दिया गया। यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवंप्रेरणादायक सिद्ध हुआ।