आज दिनांक 20-03-2026 दिन शुक्रवार को महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा 'विश्व वृक्षारोपण दिवस' (World Plantation Day) के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के महत्व को रेखांकित करने हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया (यह दिवस प्रतिवर्ष 21-03-2026 को मनाया जाता है, इस दिन शासकीय अवकाश होने पर यह कार्यक्रम आज दिनांक 20-03-2026को मनाया गया।)। आजका यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यासर कुरैशी के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता तथा पर्यावरण संरक्षण की भावना को विकसित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधों के रोपण के साथ हुई। इस अवसर पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने मिलकर नीम, आम, अमरूद तथा अन्य विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया। वृक्षारोपण के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रकृति के संरक्षण में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. यासर कुरैशी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि आज के समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल हरियाली ही नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक श्री नरहरि सिंह ने कहा कि वृक्ष प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। ये हमें स्वच्छ वायु, छाया, औषधियां तथा भोजन प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है। वनस्पति विज्ञान विभाग के अतिथि व्याख्याता श्री हरीश कुमारबघेल ने अपने विचार रखते हुए वृक्षों के वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वृक्ष जैव विविधता के संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने तथा जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी सुरक्षा करने का संकल्प लिया। इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल वृक्षारोपण तक सीमित रहा, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का संदेश भी प्रदान करता हुआ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।