भीषण गर्मी के मौसम में तापमान में अत्यधिक वृद्धि के कारण जल स्रोत सूख जाते हैं, जिससे बेजुबान पक्षियों के लिए दाना और पानी की भारी किल्लत हो जाती है। नवीन शासकीय महाविद्यालय जेवरतला द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जीव दया की भावना को प्रोत्साहित करने हेतु महाविद्यालय परिसर में पक्षियों के लिए दाना-पानी की उचित व्यवस्था का अभियान शुरू किया गया है।अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्रों द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- मिट्टी के सकोरों (परिंडों) का वितरण: महाविद्यालय परिसर के पेड़ों पर मिट्टी के सकोरे बांधे गए हैं। मिट्टी के पात्रों का उपयोग इसलिए किया गया है क्योंकि इनमें पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है.
- दाना वितरण: पक्षियों के लिए उपयुक्त आहार जैसे बाजरा, चावल और अनाज के दाने मिट्टी के सकोरों में रखे गए हैं.
- छायादार स्थानों का चयन: सकोरों को पेड़ों की घनी छांव में लगाया गया है ताकि पक्षियों को धूप से राहत मिल सके और वे सुरक्षित महसूस करें.
- स्वच्छता का ध्यान: छात्रों की टोलियां नियमित रूप से इन सकोरों की सफाई करती हैं और ताज़ा पानी भरती हैं ताकि पानी में कीड़े न पनपें.